Monthly Archives: March 2017

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मेरे आवास के ठीक सट कर बनी मस्ज़िद

March 23rd, 2017|लेख|

एक हिन्दू ब्राह्मण परिवार का होकर भी मेरे मन में कभी ये खयाल नही आया की ऐसा क्यूँ है? इस मस्ज़िद में इबादत के लिए आने वाले हर व्यक्ति से दुआ सलाम होता है। नतीजा वो शख्स शहर के किसी भी कोने में बाज़ारो में जब वापस नज़र आता तो एक तरह [...]

दिल्ली हुई हमारी है, अब यमलोक की बारी है

March 7th, 2017|चुटकुले|

एक बार यमराज की पत्नी ने देखा कि यमराज नींद में बडबडा रहे हैं और उनके माथे पर पसीने की बूंदें हैं। पत्नी ने जीवन में पहली बार स्वयं मौत के माथे पर पसीना देखा था। उन्होंने यमराज को हिलाया और यमराज उठकर बैठ गए। पत्नी ने कहा क्या हुआ ?????? यमराज बोले, मैंने सपना [...]