हकीम : “शायद ज़हर फैल गया है। .. टांग काटनी पड़ेगी”

कुछ दिन बाद दूसरी टांग भी नीली पड़ गयी। ….

हकीम : “इसमें भी ज़हर फैल गया है ये भी काटनी पड़ेगी”
हकीम ने मरीज़ की दोनों टाँगे काट दी और नकली टाँगे लगा दी
फिर नकली टांग भी नीली पड़ गयी
हकीम : अब तुम्हारी बिमारी समझ आ गयी शकील भाई तुम्हारी लुंगी color छोड़ती है