रामसनेहीघाट बाराबंकी।
विवादों से घिरे दरोगा व सिपाही ने एक दैनिक अखबार के संवादाता को अनावश्यक प्रताड़ित करने का प्रकरण टूल पकड़ता जा रहा है। आज पुनः पीड़ित संवादाता जिलास्तरीय पत्रकारों की संयुक्त टीम के साथ जिलाधिकारी को लिखित अवगत कराया कि पीड़ित द्वारा आरोपी दरोगा की शिकायत करने से नाखुश वह संवादाता की हत्या करने की योजना बना रहा है। इसके पूर्व पुलसिया तांडव की जांच ए एस पी द्वारा की गयी थी जिस में पुलिस वालों को आरोपी पाया गया। जिलाधिकारी ने पुलिस अधीक्षक को दरोगा परमात्मा नन्द पाण्डेय व सिपाही रणविजय, रमेश व आर के सिंह को बर्खास्त कर दिए जाने का निर्णय लिए जाने के लिए कहा है। साक्ष्यों में पुलिसकर्मी दोषी पाए गए हैं। इसके पूर्व राष्ट्रीय लोक दल पार्टी के वरिष्ट नेता सियाराम रावत ने पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार सिंह से मांग किया है कि समय रहते आरोपियों के विरुद्ध कारवाई न की गयी तो राष्ट्रीय लोक दल के बैनर तले पुलिस अधीक्षक कार्यालय पर धरना प्रदर्शन के लिए मजबूर होना पड़ेगा। इसलिए की दैनिक अखबार के संवादाता का परिचय पत्र, एक हज़ार रूपए नकदी तथा एंड्राइड मोबाइल छीन कर अनावश्यक रात भर थाने पर बिठाया और सामान भी नहीं दिया गया और दुसरे दिन शान्ति व्यवस्था के तहत माननीय नियायालय उपजिला मजिस्ट्रेट रामसनेहीघाट को पीड़ित का नाम बदलकर चालानी भेज दिया। जांच में ये भी पाया गया की फर्जी तौर से चालानी लिखी गयी है। जिस में दरोगा चर्चित द्वारा परिचय पत्र जब्त करने के बाद कपड़ों पर शराब दाल कर डाक्टरी कराकर किसी नाजायज़ केस में रखने की योजना बनायीं थी। लेकिन साफ़ स्वच्छ चरित्र वाले इंसान पर जनता में भयंकर आक्रोश पैदा होने की संभावना पैदा होने पर शांति व्यवस्था में पाबंद मुचलका कर इतिश्री कर लिया।

गौरतलब हो की थाना दरियाबाद के चर्चित दरोगा परमात्मा नन्द पाण्डेय व सिपाही रणविजय, रमेश व आर के सिंह ने दबंगई दिखा कर एक युवक को अनावश्यक परेशान कर मांगी बहन की इज्ज़त आबरू के लिए बहन को कमरे पर भेजने का भाई राम मगन यादव पुत्र राजाराम यादव निवासी फिरोजपुर पर दबाव बनाया की बहन पूजा को दरोगा के कमरे पर भेजे। परिजनों द्वारा ऐसा न करने पर सैकड़ों लोगों के सामने राम मगन यादव को बुरी तरह पीट पीट कर लहू लुहान कर दिया।